DIRECT- 2017

The FICCI FMCG division has been relentlessly working on various issues which are critical for the industry. We have been actively involved in the policy & strategy, capacity building and global recognition for the Indian FMCG industry.We have formed a Task Force on Direct Selling industry which works on the similar issues with the Government.

MORE ABOUT US

Previous year Speakers

Partners – 2017

WHY ATTEND DIRECT 2017

Our Achivments

0
+
Speakers
0
Years of Successful Work
0
Reports released so far
0
+
Delegates attended ``Direct`` Event
QUESTIONS & ANSWERS

Frequently Asked Questions

  • Direct Seller
  • Industry
  • Consumer Voices
  • NGOs
  • Women Entrepreneur
  • Ministry of Consumer Affairs
  • Ministry of Corporate Affairs
  • Department of Financial Services
  • Youth

FICCI, Federation House,
Tansen Marg,
New Delhi – 110001
India

Date : 5.12.17
Timing : 10 am

JOIN US

Online Registration

Direct 2015 – Event on the direct selling industry in India

Zee Business covered our flagship event on the direct selling industry in India – Direct 2015. These are the key highlights of the events that was telecasted on Zee Business during 9th and 10th January 2016.

Will regulate direct selling industry.

डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोग इसके लिए ठोस कानून चाहते हैं। ये बात उन्होंने उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के साथ एक बैठक में रखी। इस बैठक में डायरेक्ट सेलिंग कारोबारियों को कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में लाने पर भी चर्चा हुई ताकि कंज्यूमर के साथ कोई धोखाधड़ी ना हो सके।एमवे और टपरवेयर जैसी डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के लिए रेगुलेशन बनाने के काम में तेजी आ गई है। इंडस्ट्री चाहती है कि डायरेक्ट सेलिंग कारोबार को पोंजी स्कीम की इमेज से बाहर लाया जाए। इसलिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के साथ बैठक में इंडस्ट्री ने डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के लिए कानून बनाने का समर्थन किया।देश में डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री का साइज करीब 7 हजार करोड़ रुपए का है, लेकिन इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कोई ठोस नियम नहीं हैं। सिर्फ केरल और राजस्थान इन दो राज्यों में डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री के लिए दिशा निर्देश तय हैं। इनमें कंज्यूमर प्रोटेक्शन पर खासा जोर दिया गया है। इस बात की जरूरत इंडस्ट्री भी महसूस करती है।साफ तौर पर डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री रेगुलेशन के दायरे में आने को सभी के लिए विन-विन सिचुएशन की तरह देख रही है। इस बैठक में एक तरफ इंडस्ट्री ने जहां कानून बनाने की मांग रखी वहीं दूसरी ओर कंज्यूमर फोरम ने इसे कन्जूमर प्रोटेक्शन एक्ट में शामिल करने की बात कही। लेकिन हाल फिलहाल सरकार मई 2016 से पहले डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के लिए कॉमन गाइडलाइंस जरूर लेकर आएगी।

Download FICCI-KPMG Report Launched In DIRECT-2016